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Tuesday, September 17, 2013

गाजियाबाद में ट्रेन से उतारे गए शरद यादव, रैली के लिए जा रहे थे इलाहाबाद

Yugal     9:29 AM  No comments
जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गाजियाबाद में उस समय हिरासत में ले लिया जब वो आरक्षण मुद्दे पर एक सभा में भाग लेने के लिए इलाहाबाद जा रहे थे. इस घटना की जानकारी देते हुए यादव ने कहा कि वो दूरंतो एक्सप्रेस से नई दिल्ली से चले थे. गाजियाबाद पुलिस पहले ही ये बता चुकी थी कि उन्हें गाजियाबाद में ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. 

यादव ने बताया कि उन्हें गाजियाबाद स्टेशन से राज्य अतिथि गृह ले जाया गया. बहरहाल, गाजियाबाद पुलिस की ओर से इस घटना के बारे में कोई बयान नहीं आया है. 

गौरतलब है कि आरक्षण समर्थकों द्वारा आयोजित महापंचायत में शामिल होने आ रहे जेडीयू नेता शरद यादव को यहां आने से पहले ही मना कर दिया गया था. प्रशासन ने उन्हें पत्र के माध्यम से ये जानकारी दे दी थी कि महापंचायत पर प्रतिबंध लग जाने के कारण उनका आना उचित नहीं होगा. 

आरक्षण समर्थकों की महापंचायत को लेकर एसपी, कांग्रेस और बीजेपी ने पहले से ही चुप्पी साध रखी है. लेकिन जेडीयू, अपना दल और इंडियन जस्टिस पार्टी जैसे दलों ने इस आंदोलन को हवा देने की कोशिश में कोई कमी नहीं रख रही है.

Tuesday, August 6, 2013

अन्ना के खिलाफ तिरंगे के अपमान का मुकदमा दर्ज करने की अर्जी

Yugal     3:23 PM  No comments

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में समाजसेवी अन्ना हजारे के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का मुकदमा दर्ज कराने के लिये अदालत में अर्जी दाखिल की गयी है।

जानकारी के अनुसार एक अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेन्द्र बहादुर की अदालत में नियम 156 (3) के तहत दायर याचिका में हजारे के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज अपमान निवारण अधिनियम की धारा दो के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश देने का आग्रह किया है।

अदालत ने इस मामले में लाइन बाजार थाने से रिपोर्ट मांगी है। हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि अपनी जनतंत्र यात्रा के सिलसिले में गत 29 जुलाई को जौनपुर आये हजारे स्थानीय टी. डी. कालेज के मैदान में आयोजित जनसभा में जिस वाहन से पहुंचे थे।

उस पर बड़े आकार का राष्ट्रीय ध्वज लगा था, जो नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने यह भी दलील है कि सूर्यास्त हो जाने के बावजूद हजारे के वाहन पर राष्ट्रीय ध्वज लगा रहा, जो झंडे का अपमान है।

Friday, August 2, 2013

उत्तराखण्ड - मणिकर्णिका मंदिर बहा

अनुचर     3:03 PM  No comments
भागीरथी नदी के किनारे बना प्रसिद्ध मणिकर्णिका मंदिर शुक्रवार सुबह नदी की लहरों की चपेट में आकर बह गया। ऐसा पानी का बहाव और जलस्तर बढ़ने के चलते हुआ। 

मणिकर्णिका मंदिर, 'श्रावण' के महीने के दौरान श्रद्धालुओं के लिए एक पसंदीदा मन्दिर है।  यहाँ के पुजारी सुरेश शास्त्री ने कहा की घटना के समय मन्दिर खाली था इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ।

यह मन्दिर 1991 मे आए भूकंप के बाद दोबारा से बनाया गया था। 

उत्तराखंड की ही मंदाकिनी नदी में बहे रुदप्रयाग के एसडीएम अजय अरोड़ा का अब तक पता नहीं चला है। 

Monday, July 15, 2013

उत्तराखण्ड आपदा में लापता लोगों को आज मान लिया जायेगा मृत

Yugal     3:47 PM  No comments

उत्तराखंड में पिछले महीने की 16-17 तारीख को आए जलप्रलय में गुम हो गये लोगों को दोबारा देखने की आस उनके परिजनों के मन में भले ही अब भी जिंदा हो, लेकिन अगर त्रासदी में लापता 5583 लोगों के बारे में आज भी कोई खबर न मिली तो उन्हें मृत मान लिया जायेगा । 

आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि लापता लोगों को मृत घोषित करने के बाद उनके परिजनों को पूर्वघोषित पांच लाख रूपये की मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी । 

लेकिन सवाल यही है की क्या ये रुपये परिजनो की पीड़ा को हर पाएंगे?

Thursday, July 11, 2013

हरिद्वार से चुनाव लड़ेंगे बाबा रामदेव!

अनुचर     3:59 PM  No comments


गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा रखने वाले बाबा रामदेव चाहते हैं  कि पश्चिमी युपी से उनके पांच ’शिष्यों’ को भाजपा टिकट दे। खासतौर पर रामदेव के करीबी व आर्य समाज से जुड़े स्वामी ओमवेश ने तो बिजनौर से तैयारी भी शुरू कर दी है। वे लोकदल से विधायक रह चुके हैं।

इनके अलावा रामदेव मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत जाट बहुल जिलों में कम से कम पांच सीटें चाहते हैं। हरिद्वार स्थित अपने पतंजलि योगपीठ से बाबा पश्चिमी युपी के जिले खासतौर पर जाट बिरादरी के बीच अपने योग केंद्र व उत्पादों से जुड़े नेटवर्क के जरिये राजनीतिक जनाधार भी बनाने में कामयाब हो चुके हैं।

मोदी को लेकर कांग्रेस बौरा गई है : भाजपा

अनुचर     3:53 PM  No comments


भाजपा ने आज नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस पर बौरा जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस मोदी को लेकर बौरा गयी है यदि ऐसा नहीं होता तो उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी की अगुवाई वाली सरकार, गुजरात की तरफ से आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता की पेशकश संबंधी तथ्यों को ‘सुनियोजित तरीके से छिपाती’ नहीं। 

भाजपा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से जातीय रैलियों पर लगी रोक पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अब देश की राजनीति में अपरिहार्य हो गए हैं और इसीलिए सभी दल उनका नाम अपनी रैलियों में ले रहे हैं। बीजेपी ने कहा कि संविधान में साफ है कि जाति और धर्म के आधार पर राजनीति नहीं की जा सकती। 

इसके बावजूद कई राजनीतिक दलों ने खासतौर पर बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने लगातार जाति आधार पर रैलियां कीं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि बीजेपी कोर्ट के इस आदेश का पुरजोर स्वागत करती है और मानती है कि इससे राजनीति मे आदर्श स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कोर्ट के आदेश को जाति के आधार पर राजनीति करने वालों के लिए झटका बताया है।


Wednesday, July 3, 2013

'डम्बो' और 'स्कैम्बो' होने से कहीं अच्छा है 'रैम्बो' होना - बीजेपी

अनुचर     7:50 AM  No comments


नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को 'रैम्बो' कहे जाने पर बीजेपी की प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि 'डम्बो' और 'स्कैम्बो' होने से कहीं अच्छा है 'रैम्बो' होना।

मामला तब शुरू हुआ जब मोदी उत्तराखंड पहुंचे और मीडिया में खबरें चलने लगीं कि मोदी ने कहा है कि वह 15000 गुजराती लोगों को बचाकर लाए हैं। वहीं से मोदी को 'रैम्बो' कहकर उनकी आलोचना शुरू हुई थी।

इससे बाद सोमवार को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर नीतीश ने एक बार फिर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि मैं कोई 'रैम्बो' नहीं हूं कि उत्तराखंड जाकर बिहार के लोगों को बचा लूं।
 
दरअसल, इससे पहले बीजेपी ने नीतीश कुमार की आलोचना यह कहकर की थी गुजरात की सरकार उत्तराखंड में फंसे लोगों के राहत के लिए बहुत कुछ कर रही है।
 
बिहार बीजेपी का आरोप है कि उत्तराखंड में फंसे बिहार को लोगों के लिए बिहार सरकार कुछ नहीं कर रही है। बिहार बीजेपी के नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि दूसरी राज्य सरकारों के मुकाबले बिहार सरकार संवेदनहीन है।

Tuesday, July 2, 2013

मरने वालों की संख्या पता नहीं

अनुचर     8:32 AM  No comments
उत्तराखंड के बाढ़ से तबाह क्षेत्रों से आज 200 से अधित तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को बचाया गया जहां 680 लोग अभी भी फंसे हुए हैं जबकि मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने घोषणा की कि राहत और बचाव कार्य की देखरेख करने के लिए एक वैधानिक संस्था का गठन किया जाएगा। 

आपदा में मारे गए लोगों की विरोधाभासी संख्या सामने आने के बीच मुख्यमंत्री ने मरने वालों की संख्या का अटकल लगाने से इनकार कर दिया। 

Monday, July 1, 2013

उत्तराखंड सरकार को बर्खास्त किया जाए - सुषमा स्वराज

अनुचर     1:34 PM  No comments
नई दिल्ली: बाढ़ और भूस्खलन के कारण आई तबाही से निपटने में उत्तराखंड सरकार पर नाकामी का आरोप लगाते हुए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने आज मांग की कि राज्य की कांग्रेस सरकार को बख्रास्त कर दिया जाना चाहिए। 

सुषमा ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा है कि उत्तराखंड सरकार की आंख समय रहते नहीं खुली जिसकी वजह से उसे बख्रास्त कर दिया जाना चाहिए। 

भाजपा पहाड़ी राज्य में बचाव एवं राहत अभियानों के मुद्दे पर पहली बार विजय बहुगुणा सरकार के खिलाफ खुल कर सामने आई है। 




बद्रीनाथ मे अभी भी 900, निकालने मे आ रही कठिनाई

अनुचर     10:04 AM  No comments

उत्तराखण्ड आपदा के 15 दिन बाद भी अभी तक बद्रीनाथ मे 900 तीर्थयात्री और स्थानीय निवासी फंसे हुए हैं। जिनहे निकालने मे बहुत विकार स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। 

3000 अभी लापता है। लाशों के ढेर लगे हुए हैं, जिनके अंतिम संस्कार मे बहुत कठिनाई आ रही है। बड़ी कठिनाई से मुह पर कपड़ा बांध के अंतिम संस्कार किया जा रहा है। 












Source : PTI

भाजपा प्रवक्ता ने 15000 के आंकड़े को नकारा, टाइम्स ऑफ इण्डिया को नोटिस भेजा

Yugal     9:13 AM  No comments


उत्तराखण्ड आपदा से 15000 गुजराती बचा के ले जाने की खबर मे नया ट्विस्ट आया है। 15000 गुजरातियों को बचा के गुजरात ले जाने वाली खबर को बीजेपी ने पूरी तरह से नकार दिया है। 

बीजेपी के अनिल बुलानी ने कहा की बीजेपी के किसी भी नेता ने ऐसा कोई दावा नहीं किया। और उस रिपोर्टर को कानूनी नोटिस भेजा गया है जिसने की पहली बार इस तरह के आंकड़े दिये और यह कहानी लिखी। 

टाइम्स ऑफ इण्डिया ने कहा की उत्तराखण्ड के बीजेपी प्रवक्ता बुलानी ने बीजेपी के सीनियर नेताओं और गुजरात के अधिकारियों की मौजूदगी मे ये आंकड़ा बताया था। 

इस पर उत्तराखण्ड के बीजेपी प्रवक्ता ने कहा की उन्होने इस तरह को कोई बयान नहीं दिया तथा नहीं वो इस तरह के बयान देने के लिए अधिकृत हैं। उन्होने पूछा की यदि वहाँ गुजरात के अधिकारी मौजूद थे जैसा की रिपोर्टर ने बताया  तो उन्होने उन आंकड़ो की जांच क्यूँ नहीं की जबकि वहाँ अधिकारी मौजूद थे। 

टाइम्स ऑफ इण्डिया को नोटिस भेजा गया है जिसमे टाइम्स ऑफ इण्डिया के श्री सुंडास से नोटिस मिलने के 72 घंटे के अंदर बिना किसी शर्त के माफी मांगने के लिए कहा गया है। माफी नहीं मांगने पर आपराधिक मानहानि की कार्यवाही की जाएगी। 

Wednesday, June 26, 2013

उत्तराखंड की बरबादी ओर मुसकुराते सोनिया और बहुगुणा

अनुचर     4:05 PM  No comments


राहत के काम में ढिलाई के आरोपों से घिरी उत्तराखंड सरकार ने छवि सुधारने के लिए लाखों खर्च करके अखबारों में जो विज्ञापन छपवाए, उनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राज्य के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की मुस्कुराती हुईं तस्वीरें छापी गईं। 

नरेंद्र मोदी ने 15000 गुजरातियों की बात कभी नहीं की

अनुचर     3:48 PM  No comments

गुजरात ने मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 15000 गुजरातियों को बचा के लेजाने की बात पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच छिड़ी शब्द-जंग के बीच आज बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह जी ने कहा की गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।

"नरेंद्र मोदी वहाँ उत्तराखंड के लोगो के दुख की घड़ी मे सहानुभूति व्यक्त करने गए थे और उन्हे बदनाम करने के लिए कहा गया की उन्होने सिर्फ 15000 गुजराती बचाए। मैंने स्वयं उनसे इस मुद्दे पर बात की तो उन्होने बताया की मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।" जैसा की राजनाथ जी ने पत्रकारों को बताया। 

राजनाथ सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से उत्तराखंड आपदा पर कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं करने की अपील की। 

"किसी अन्य पार्टी के नेताओं के बयानो पर आक्रामक रुख जताने की कोई जरूरत नहीं है" राजनाथ जी ने कहा। 

इससे पहले कॉंग्रेस ने नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए उन्हे "रेमबो" कहा था। 


Tuesday, June 25, 2013

सुबह शिंदे बोले - वीआईपी उत्तराखंड ना जाएँ, शाम को राहुल लाव-लशकर सहित पहुंचे

Yugal     8:09 AM  No comments


कांग्रेस उतराखंड आपदा मे राजनीति करने से बिलकुल भी नहीं नहीं चूक रही है। जहां अन्य नेताओ जैसे की गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तराखंड मे यह कहकर उतरने की भी अनुमति नहीं मिली की इससे राहत कार्य प्रभावित होंगे वही पर कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपने पूरे सुरक्षा ताम-झाम के साथ उत्तराखंड पहुँच गए।

राहुल गांधी पहले पोढ़ी पहुंचे लेकिन खराब मौसम के कारण उनका हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, इसके बाद वे सड़क मार्ग से रुद्रप्रयाग के लिए रवाना हो गए।

इसी प्रकार उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार ने सभी को राहत सामाग्री भेजने के लिए माना कर दिया और कहा की सिर्फ केश पैसा भेजें। उत्तराखंड सरकार ने कहा की सड़क मार्ग खराब होने की वजह से राहत सामग्री वहाँ नहीं पहुँच पाएगी। लेकिन कल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केश की बजाय राहत सामग्री के ट्रक ही रवाना किए। अब समझ मे यह नहीं आ रहा है की सड़क मार्ग से और लोगों की राहत सामाग्री नहीं पा रही थी  तो कांग्रेस की कैसे पहुंचेगी।

इससे पहले सुबह गृह मंत्री शिंदे ने कहा था की वीआईपी को अभी उत्तराखंड नहीं जाना चाहिए। इससे राहत कार्य मे बाधा आएगी। अगर फिर भी कोई वहाँ जाता है तो उसे लेंडिंग की इजाजत नहीं मिलेगी। 

Sunday, June 23, 2013

प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं नीतीश : गडकरी

अनुचर     8:16 AM  No comments


भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी  ने कहा की  कांग्रेस ने नौ वर्षो के शासन में जनता को ठगने का काम किया है। आज हम धनवान देश के गरीब नागरिक हैं। पूरा देश महंगाई, भ्रष्टाचार व आतंकवाद से त्रस्त है। इसका खामियाजा कांग्रेस को आगामी चुनाव में भुगतना होगा। गडकरी ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता का अर्थ बदलकर देश के मुसलमानों को डराया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि जितना दंगा कांग्रेस शासित राज्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में हुआ। उतना कभी भी भाजपा शासित राज्यों में नहीं हुआ। वास्तव में भारतीय जनता पार्टी धर्मनिरपेक्ष राजनीति करती है। यदि भाजपा सत्ता में आती है तो जाति, धर्म, क्षेत्र व भाषा के आधार पर फर्क किए बिना पूरे देश के नागरिकों को विकास का समान अवसर प्रदान करेगी।

उन्होने कहा की जिस कांग्रेस से पूरा देश त्रस्त है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनने के लिए उसी से प्रभावित हो गए। वह अपनी राजनीति करें, इससे भाजपा को एतराज नहीं है पर पार्टी के बारे में गलत टिप्पणी नहीं करें।


कांग्रेस को न बहा ले जाए उत्तराखंड का सैलाब

अनुचर     8:11 AM  No comments


देश में प्रकृति की विनाशलीला के बीच भी सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं उनकी भविष्य की टीम भी परदेश में ही है। खुद राहुल और उनके दो अहम सिपहसालार रक्षा राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह औैर गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह अपने निजी काम से विदेश प्रवास पर हैं।

उत्तराखंड में कुदरत के कहर से बच निकलने वाला हर शख्श सिर्फ सेना या आइटीबीपी के जांबाजों के गुणगान कर रहा है। राज्य सरकार या स्थानीय प्रशासन नाम की कोई चीज ही किसी मुसीबत के मारे को महसूस नहीं हुई। राज्य शासन-प्रशासन की अक्षमता और लचरता पर सैलानियों से लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश भी बार-बार फट रहा है। यह संदेश जा रहा है कि राहत कार्यो में शुरुआती देरी से तमाम जानें चली गईं। उत्तराखंड आने वालों में दक्षिण भारत से लेकर पूरब-पश्चिम और उत्तर सभी क्षेत्रों के लोग हैं। सभी राज्यों में उत्तराखंड शासन-प्रशासन की लचरता का संदेश जा रहा है। केंद्रीय सुरक्षा दलों को भी राज्य सरकार से समन्वय में शुरुआती दिक्कत आई। जो भी राहत काम हुआ, पूरी तरह से केंद्रीय आपदा राहत बलों के कमान संभालने के बाद ही हुआ।

देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में त्रासदी के बाद चार-पांच दिन से श्रद्धालुओं के शवों की दुर्गति हो रही है। देवभूमि पर ससम्मान अंतिम संस्कार न हो पाने का हिंदू समाज का दर्द सिर्फ परिवार तक नहीं रुकेगा। सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में भी कांग्रेस नेतृत्व व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उत्तराखंड के नेताओं और शीर्ष मंत्रियों ने अपनी चिंता जताई है। कारण है कि पहले जीवित बचे हुए लोगों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों से हटाया जा रहा है। ऐसे में शवों की दुर्दशा का भावनात्मक मुद्दा पूरे देश में लोगों को उद्धेलित कर सकता है।

उत्तराखंड का बड़ा हिस्सा तो प्रकृति की विनाशलीला ने उजाड़ दिया। वह कुछ समय बाद भले ही फिर से बस जाए, लेकिन इस दौरान राज्य सरकार के कुप्रबंधन का खामियाजा कांग्रेस को पूरे देश में भुगतना पड़ सकता है। पूरे देश से आए सैलानियों और श्रद्धालुओं के कटु अनुभव सिर्फ उत्तराखंड की सीमा तक ही नहीं रुकने वाले हैं। 

कारण है कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में इलाकाई विधायकों और मंत्रियों ने अपने स्तर पर जो काम किया, वह किया। लेकिन कोई राजनीतिक नेतृत्व और सूझबूझ देने में राज्य के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा बिल्कुल नाकाम रहे। वैसे राज्य से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं का सुझाव था कि मंत्रियों को संबंधित जोन का प्रभारी बनाकर उन्हें वहीं रोका जाए और उनकी निगरानी में कामकाज सौंपा जाए। मगर इस आपदा के दौरान भी गुटबाजी हावी रही और शासन कोई फैसला लेना तो दूर तबाही का सही अनुमान तक नहीं लगा सका। उस पर भी आपदा के बावजूद बहुगुणा का दिल्ली में रुके रहना और सोमवार को कैबिनेट बैठक बुलाने जैसे मुद्दे भी राज्य सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

Thursday, June 20, 2013

कई हजारों के मरने की आशंका

Yugal     5:50 PM  No comments


बारिश से तबाह हुए हुए उत्तराखंड मे हजारों के मरने की आशंका है। क्यूंकी अभी तक उत्तराखंड मे 62000 से ज्यादा लोग लापता हैं।

राज्य आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र ने बताया की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र मे मरने वालों की संख्या हजारों के पार जा सकती है। क्यूंकी यहाँ पर 90 से अधिक धर्मशालाएँ बाढ़ मे बह गयी है, जिसमे ठहरने वाले हजारों तीर्थयात्रियों का अता-पता नहीं लग रहा है।

लेकिन अभी आधिकारिक रूप से 150 मौतों की पुष्टि की गयी है।


विजय बहुगुणा पर गुस्साये ग्रामीण

अनुचर     7:35 AM  No comments


कल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और कृषि मंत्री हरक सिंह रावत को बाढ़-पीड़ित ग्रामीणो के गुस्से का शिकार होना पड़ा। जैसे ही ये दोनों नेता रुद्रप्रयाग हेलिपेड़ पर उतरे ग्रामीणो ने इनके खिलाफ जबर्दस्त नारेबाजी की।

ग्रामीण ये जानने की मांग कर रहे थे की क्यूँ राज्य सरकार आपदा-प्रबंधन मे बुरी तरह से फ़ेल हुई है।  ग्रामणिनों तक अभी तक राहत नहीं पहुँचने से ग्रामीण बुरी तरह से नाराज थे। रुद्रप्रयाग भी भीषण रूप से प्रभावित इलाकों मे से एक है।

विजय बहुगुणा और उनकी टीम वहाँ से 15 मिनट मे वापस रवाना हो ज्ञी क्यूंकी ग्रामीण उनकी एक भी बात सुनने को तैयार ही नहीं थे।


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