दो पाकिस्तानीयों अमजद अली और जीशान
जौहर अब्दुल गनी और एक भारतीय जावेद शेख के साथ गुजरात मे हुए एक कथित एंकाउंटर मे मारी गयी इशरत जहां लश्कर की फिदायीन थी। ये खुलासा लश्करे तैयबा के अमेरिकी आतंकी
डेविड हेडली ने एनआईए को बताया
है। इशरत अहमदाबाद में पुलिस मुठभेड़
में मारी गई थी।
सूत्रों ने बताया कि हेडली ने
पूछताछ के लिए शिकागो गई टीम
को यह जानकारी दी थी। इस टीम
में एनआईए और कानून विभाग के
सदस्य थे। टीम को जानकारी मिली
थी कि इशरत लश्कर के सुसाइड
स्क्वॉड की सदस्य थी। उसे लश्कर
आतंकी मुजामिल ने भर्ती किया था।
वहीं हेडली ने 2006 से भारत में
लश्कर के आतंकी हमलों के लिए
रेकी करना शुरू किया था।
ये लोग कार में थे
और पुलिस के रोकने पर मुठभेड़ हुई
थी। पुलिस ने दावा किया था कि ये
लोग आतंकी थे और मुख्यमंत्री नरेंद्र
मोदी पर हमले के इरादे से गुजरात में
आए थे। वहीं इशरत के परिवार ने
दावा किया था कि वह स्टूडेंट थी।
उन्होंने मुठभेड़ के खिलाफ कोर्ट में
अपील भी की थी। इशरत की मां
शमीमा कौसर ने गुजरात हाईकोर्ट में
याचिका लगाई थी। इसमें कहा था
कि उनकी बेटी सेल्सवुमन के तौर
पर भी काम करती थी।









